सचिन पायलट बन सकते है राजस्थान के सीएम

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 कांग्रेस के नेतृत्व में राजस्थान में बनने जा रही सरकार का अगला मुखिया (CM) ग्रेटर नोएडा का बेटा बन सकता है, क्योंकि सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। उनकी जीत से गौतमबुद्ध नगर के साथ पैतृक गांव वैदपुरा के ग्रामीणों में जबरदस्त खुशी है। ग्रामीणों ने ढोल नंगाड़ों के बीच मिठाई बांटकर उनकी जीत का जश्न मनाया। सचिन ने टोंक विधानसभा से जीत दर्ज की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सचिन अपने गांव में जरूर आएंगे।बता दें कि सचिन पायलट मूलरूप से गौतमबुद्ध नगर के वैदपुरा गांव के हैं। वर्षों से राजस्थान की राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद सचिन पायलट का अपने पैतृक गांव से आज भी गहरा जुड़ाव है। अपने पिता राजेश पायलट की गांव में हर साल होने वाली श्रद्धांजलि सभा में वह जरूर शिरकत करते हैं।इसके साथ ही अपने बच्चों के साथ वह गांव में गोवर्धन पर्व भी मनाना नहीं भूलते। इसलिए सचिन व गांव के लोग आज भी एक दूसरे के काफी करीब हैं। गांव के लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह गांव में जरूर आएंगे।यहां पर बता दें कि राजनीति की प‍िच पर सिक्‍सर मारने वाले सचिन पायलट ने प्रेम की प‍िच पर भी खूब बल्‍लेबाजी की है। सचिन ने कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्लाह की बेटी सारा अब्‍दुल्‍लाह से शादी की। सारा द‍िखने में काफी ग्‍लैमरस हैं और अभिनेत्र‍ियों को टक्‍कर देती हैं। यही वचह रही कि सचिन उनके प्‍यार में क्‍लीन बोल्‍ड हो गए। राजस्थान में कांग्रेस को मिली जीत के बाद जिले के गांव निजामपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट की बुआ के घर पर खूब जश्न मना। बधाई देने वालों का सचिन पायलट की बुआ के घर तांता लगा हुआ था। ग्रामीणों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी। पायलट की बुआ ने उन्हें फोन पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना ईश्वर से की।बता दें कि गांव निजामपुर वर्ष 2012 में उस समय चर्चा का विषय बना, जब सचिन के फूफा गांव निवासी स्वर्गीय अशोक कसाना की बदमाशों ने रात के समय घेर में सोते हुए गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके कुछ ही घंटों बाद बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने परिवार का साथ देते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री और डीजीपी को फोन कर मामले में तत्काल कार्रवाई को कहा था।पूर्व केंद्रीय मंत्री के फोन के बाद जिले की पुलिस ने तेजी दिखाते हुए अगले ही दिन बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद सचिन पायलट अपनी बुआ विद्या देवी को सांत्वना देने भी आए थे। इस दौरान लोगों ने परिवार के प्रति सचिन पायलट के बेहतर कार्य की प्रशंसा भी की थी। तभी से ही गांव निजामपुर लोगों में चर्चा का विषय बन गया।बता दें कि विद्या देवी एक घरेलू महिला हैं। इनके दो बेटे मोहित और बोबी हैं। मोहित राजस्थान चुनाव प्रचार में सचिन पायलट के लिए वोट मांगने भी इस बार गए थे। मंगलवार को राजस्थान चुनाव में मिली जीत के बाद विद्या देवी के घर ग्रामीण मिठाई लेकर पहुंचे। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। विद्या देवी सुबह से ही टीवी पर चिपकी हुई थीं और जीत के बाद बेहद खुश नजर आ रहीं थीं। मंदिर में माथा टेकने के बाद विद्या देवी ने घर-घर जाकर मिठाई बांटी। विद्या ने बताया कि जल्द ही वह परिवार के साथ सचिन पायलट को बधाई देने भी जाएंगी।राजेश पायलट के भतीजे महिपाल विधुड़ी का कहना है कि राजस्थान में कांग्रेस की जीत से गांव में खुशी है। हमें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस हाईकमान सचिन पायलट को ही मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी देंगे।  वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय चौधरी की मानें तो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत से उसका वनवास खत्म हो गया है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। लोकसभा चुनाव में भी पार्टी इसे दोहराएगी। राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे।

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