चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा पुल बनकर हुआ तैयार, ऊंचाई है 359 मीटर !

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जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल इस साल बनकर तैयार हो जाएगा। यह पुल रियासी जिले में बक्कल और कौड़ी के बीच बनाया जा रहा है। 1.3 किमी लंबे रेल ब्रिज की नदी तल से ऊंचाई 359 मीटर है। यह 324 मीटर ऊंचे एफिल टाॅवर से भी 35 मीटर ऊंचा है। ब्रिज 17 केबल्स पर टिका होगा। अभी फ्रांस के तरन नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज बना हुआ है। इस ब्रिज का सबसे ऊंचा खंभा 340 मीटर है।ब्रिज में दो ट्रैक होंगे। एक की चौड़ाई 14 मीटर होगी। इसके अलावा निरीक्षण के लिए 1.2 मीटर चौड़ा एक रास्ता भी होगा। इस ब्रिज का निर्माण कोंकण रेलवे ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत कर रहा है। पुल के निर्माण पर करीब 1200 करोड़ रुपए खर्च आ रहा है। इस प्रोजेक्ट में डीआरडीओ समेत देश के 15 बड़े संस्थान कोंकण रेलवे की मदद कर रहे हैं। इस ब्रिज में ब्लास्ट लोड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है। किसी भी विस्फोट और प्रेशर का ब्रिज पर असर नहीं होगा। प्रोजेक्ट की नींव 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी।11 किमी लंबे कटरा और बनिहाल मार्ग पर रेल ब्रिज बनने से कश्मीर रेलमार्ग के जरिए देश से जुड़ जाएगा। अभी बनिहाल और बारामूला के बीच रेल है, पर कटरा-बनिहाल के बीच नहीं है।यह क्षेत्र भूकंप के लिहाज से सेसमिक जोन-4 में आता है। इसलिए पुल को सेसमिक जोन-5 के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।चिनाब ब्रिज बनाने में मेहराब तकनीक (हैंगिंग आर्च) का इस्तेमाल हो रहा है। आर्च पिछले साल ही बना लिया गया था। ब्रिज 266 किमी/ घंटे रफ्तार की हवा का भी सामना कर सकता है। यह पुल ऑनलाइन मॉनीटरिंग एंड वार्निंग सिस्टम से लैस होगा। ब्रिज निर्माण में ब्लास्ट प्रूफ स्टील का प्रयोग हुआ है। इस ब्रिज के निर्माण में 29 हजार मीट्रिक टन इस्पात का इस्तेमाल किया जाएगा।उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट 345 किमी लंबा है।इस प्रोजेक्ट का एक हिस्सा जो कटरा से धरम के बीच 100 किमी लंबा है, उसमें 52 किमी का रेल मार्ग कोंकण रेलवे बना रहा है। इसमें 46.1 (86%) रास्ता टनल, 5 किमी (9%) ब्रिज से होकर जाता है।इस मार्ग में 17 टनल हैं, सबसे लंबी टनल 9.3 किमी लंबा है। 23 ब्रिज हैं। जिनमें सबसे ऊंचा ब्रिज 91 मीटर का है।

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